तुम उदास ना हुआ करो फूल मुरझा जाते हैं
आंसू तुम पलकों पे ना रोका करो होंठ प्यासे रह जाते हैं

इज़हारे मुहब्बत पे अजब हाल है उनका
आँखें तो रज़ामंद हैं ,लब सोच रहे हैं |

अपने गेसुओ के साए में गुलो की छाँव को दिल से बनाए रखना
अमानत दी है मैंने तुझे तुम अपने दिल में दिल से संजोये रखना.

दिल की तनहाइयों में हम उनको ढूंढते रहते हैं .
दूर होकर भी जालिम आँखों के सामने घुमते रहते हैं

ना सवाल बन के मिला करो ना जवाब बन के मिला करो
मेरी जिंदगी मेरा ख्वाब है मुझे ख्वाब बन के मिला करो

काश बनाने वाले ने दिल कांच के बनाये होते,
तोड़ने वाले के हाथ में ज़ख्म तो आये होते

तुमने मुड़कर भी नहीं देखा मुझे जाते जाते
एक तकल्लुफ़ ही सही जिसको निभाते जाते
क्या ख़ता थी के टूट गये हैं सब रिश्ते
ये तो जाते हुए तुम मुझको बताते जाते
ना इख़लास कोई ना ही शिकायत कोई
कोई एहसान सही वो ही जताते जाते
संभलना कैसे है मुझको तेरे जाने के बाद
कम से कम ये ही हुनर मुझको सिखाते जाते
बड़ा हैरां सा परेशां सा भटकता हूं अब
कोई राह नई मुझको दिखाते जाते
अब भी उम्मीद है कभी मिल जाओगे तुम
किसी राह पर मुझको कहीं आते जाते

ड़ूबनेवाले को इक ही तिनके का सहारा काफ़ी है
समझदार को कहते हैं बस एक इशारा काफ़ी है
यूँ ही नहीं कहता हूँ मै के इश्क़ मोहब्बत धोखा है
राह-ए-मोहब्बत पर मैने भी वक़्त गुज़ारा काफ़ी है
क्या ग़म है जो मिला नहीं वो तुमने जिस को चाहा था
दरिया-ए-ज़िंदगी में तो बस यादों का किनारा काफ़ी है
सच ही है के कोई नहीं है साथ सदा देने वाला
हमने भी इक दौर था जब सब ही को पुकारा काफ़ी है
ऐ ख़ुदा तू नाज़ ना कर अपनी क़ायनात पे यूँ
सच्चाई दिखलाने को इक दर्द का मारा काफ़ी है
कब हमने मांगी थीं दुनिया की सारी खुशियां
तारीक रात में हम को तो बस एक सितारा काफ़ी है

जब से मैने वो हँसी सा पैकर देखा है
झूमता गाता हुआ हर मंज़र देखा है
राह में मिलनेवालों से लेते हैं अपनी ही खबर
भूले अपना घर जब से उसका घर देखा है
फूलों में भी अब देखो इक नई सी रंगत आई है
बागों ने भी शायद रूप-समंदर देखा है
इश्क़ में चैन जो पाया हमने और कहीं नहीं पाया
वरना हमने भी मस्जिद और मंदर देखा है
सच ही कहती है दुनिया के इश्क़ में नींद नहीं आती
हमने भी वो रातजगे का मंज़र देखा है
जिनकी बात सुना करते थे हम हर इक अफ़साने में
हमने भी उन एहसासों को छूकर देखा है

सफ़र में मुश्किलें आयें, तो जुर्रत और बढती है ,
कोई जब रास्ता रोके , तो हिम्मत और बढती है….